Charles Babbage को ही Computer का जनक क्‍यों कहा जाता है?

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हमलोग कंप्‍यूटर के इतिहास के बारे में जानते हैं कि कैसे Computer अपने इतिहास से वर्तमान तक में विकास करते हुए हमारे बीच अपनी जगह बनायी है, Abacus से लेकर आज हम AI तक पहूँच चुके हैं। अभी के समय में हर घर में कंप्‍यूटर लगभग मिल ही जाता है, सभी लोग अपने दैनिक जीवन में कंप्‍यूटर के सहारे अपने काम को आसान और समय को बचा रहे हैं। वैसे तो हम सब जानते हैं कि Charles Babbage महोदय Computer के जनक हैं, लेकिन क्‍यों?

Difference Engine by Charles Babbage:

Charles Babbage महोदय ने Analytical Engine से भी पहले Difference Engine नामक एक Calculating Machine पर लगभग 1822 में काम करना शुरू किया था जिसे हम पहला Computer मानते हैं। इसका काम था कि गणितीय और खगोलिय तालिकाओं की अपने आप गणना करना इसमें मानव द्वारा की गई गलतियों को खत्‍म करना शामिल था, क्‍योंकि हमें पता है कि पहले गणनाओं को करने में कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, सबसे ज्‍यादा तो बड़े-बड़े जोड़, घटाव करने में दिक्‍कतें होती थी। उन्‍होंने 1822 में रॉयल एस्‍ट्रोनॉमिकल सोसाइटी को अपने अविष्‍कार की घोषणा की इसमें ब्रिटिश सरकार ने भी रूचि दिखायी थी और 1700 पॉण्‍ड दिए थे प्रारंभिक अनुदान के तौर पर उस समय तकनीकों की कमी, अपने ही किसी साथी से मतभेद होने से सरकार ने भी पैसे देना बंद कर दिए और उन्‍हें इस कंप्‍यूटर पर काम करना बंद करना पड़ा।

हमलोग Charles Babbage साहब को ही कंप्‍यूटर का जनक क्‍यों कहते हैं-

जबकि जो Analytical Engine वो तैयार कर रहे थे वो बहुत से कारणों के वजह से वह कभी बना ही नहीं। उनके Analytical Engine नहीं बनने के कुछ कारण ये भी थे जैसे कि उस समय तकनीकों की कमी और इंजीनियरिंग में कमी, धन की कमी, अपने साथियों से मतभेद, और राजनैतिक मुद्दे भी शायद शामिल थे। हमारे Babbage महोदय थोड़े जिद्दी और गुस्‍सेल स्‍वभाव के भी थे इस वजह से उन्‍होनें अपनी योजनाएं किसी की स्‍पष्‍ट रूप से बतायी नहीं, जिससे लोगों ने इसके महत्‍व को स‍मझा नहीं।

Analytical Engine by Charles Babbage:

हम अगर बात करते हैं Analytical Engine की जिसको Babbage महोदय ने 1830 में डिजाइन किया जिसे पंच कार्ड से प्रोग्राम किया जा सकता था। इसके कुछ component निम्न्लिखित हैं-

पंच कार्ड:

Charles Babbage महोदय ने अपने Analytical Engine में पंच कार्ड का उपयोग किया था जो Input और Output का एक माध्‍यम था जो जैक्‍वार्ड करघे की तकनीक पर बनी थी इसमें छोटे-छोटे छेदों के पैटर्न बने हुए थे। ये पंच कार्ड चार मुख्‍य अवयवों से बना था जिसमें-

पहला- (The Reader):
यह पंच कार्ड का एक महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा था, जो डेटा और निर्देशों को मशीन में डालने का काम करता था, अभी के समय में इसे हम Input section कह सकते हैं।

दुसरा- (The Output):
Output का मतलब ही हैं कि हम मशीन को कोई Input जैसे कोई समीकरण दें और वो उसे हल करके हमें Output के रूप में हमें दे, और उस समय जितने भी Output process किए हुए Data होते थे उसे पंच कार्ड पर ही प्रिंट करवा लिए जाते थे।

तीसरा- (The Store):
इसका काम था कि Input के लिए जितने भी डेटा पंच कार्ड द्वारा लिए जाते थे उसे एक जगह करके रखना, अभी के समय में हम इसे हम कंप्‍यूटर का मेमोरी कह सकते हैं।

चौथा- (The Mill):
यह कंप्‍यूटर के अन्‍दर डेटा को प्रोसेस करती थी जैसे इसमें जोड़, घटाव, गुणा, भाग मतलब गणितीय कार्य के लिए उपयोग किया जाता था।

Ada Lovelace (पहली Programmer)

Charles Babbage महोदय और उनकी असिस्‍टेंट एडा लवलेस (Ada Lovelace) ने मिलकर बहुत सारे Programms बनाए थे, एडा लवलेस पहली प्रोग्रामर के नाम से भी जानी जाती है क्‍योंकि इन्‍होंने ही सबसे पहले Analytical machine के लिए कई सारे प्रोग्राम्‍स बनाये थे लेकिन ये मशीन (Analytical Engine) कभी बनी ही नहीं और 1871 में Babbage महोदय का निधन हो गया।

Henry Babbage:

Charles Babbage के निधन के बाद बहुत दिनों तक Analytical Engine पर काम बंद रहा लेकिन Charles Babbage के बेटे Henry Babbage ने अपने पिता के सपने को साकार रूप देने के लिए उसपर काम करना शुरू किया और 1910 में Analytical Engine mill बनाया जो गणितीय कामों को करने वाला प्रिंटिंग कैलकुलेटर था जो हाथों से चलने वाला एक मशीन था यह मशीन Charles Babbage महोदय के सपने को साकार करने के लिए एक महत्‍वपूर्ण कदम था, आज भी वो मशीन लंदन के साइंस म्‍यूजियम में उपलब्‍ध है लेकिन हमारा सवाल यह था कि कंप्‍यूटर के जनक हम Charles Babbage महोदय को ही क्‍यों मानते हैं जबकि उन्‍होंने न तो Difference Engine बनाए और न ही Analytical Engine।

इसका जवाब ये है भले ही Babbage महोदय कि Machine कभी बनी नहीं लेकिन Charles Babbage की कंप्‍यूटर को लेके जो भी अवधारणाऐं थी जैसे कि ALU, Memory, Input/Output वो सभी Analytical Engine में शामिल थी इनके कंप्‍यूटर के डिजाइन ने ही आधूनिक कंप्‍यूटर की नींव रखी, इसलिए Charles Babbage महोदय को कंप्‍यूटर का जनक कहा जाता है।

CONCLUSION:

Computer की शुरूआत जब हुई Charles Babbage महोदय ने जब इस पर काम करना शुरू किया तो उन्‍हें बहुत सारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा लेकिन आज उन्‍हीं की अवधारणाओं की वजह से हम आज Abacus से AI तक पहुँच चुके हैं। उन्‍हीं के कारण Analytical Engine का डिजाइन तैयार किया गया और उन्‍हीं के सिद्धांतों के आधार पर आधुनिक कंप्‍यूटर की नींव रखी गयी इसलिए हम Charles Babbage महोदय को हम Computer का जनक कहते हैं।




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